Thursday, July 25, 2024
Home उत्तराखंड अधिकारी 100 दिनों के भीतर नेट बैंकिंग की दिशा में आगे बढ़ेः...

अधिकारी 100 दिनों के भीतर नेट बैंकिंग की दिशा में आगे बढ़ेः सहकारिता मंत्री

देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा है कि राज्य के सभी जिला सहकारी बैंक अधिकारी अगले 100 दिनों के भीतर नेट बैंकिंग के लिए कार्य करें। यह कदम राज्य सहकारी बैंक द्वारा रिजर्व बैंक से रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर ेवाओं के सफल अधिग्रहण के परिणामस्वरूप आया है। डॉ. रावत ने परिचालन को सुव्यवस्थित करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए डिजिटल बैंकिंग तकनीकों को अपनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सहकारी बैंकों के लिए नेट बैंकिंग को एक मानक अभ्यास के रूप में अपनाना और एक सामान्य लक्ष्य की दिशा में काम करना महत्वपूर्ण है।
डॉ रावत ने आज मंगलवार को राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के सभागार में अफसरों से कहा कि वह स्वयं जुलाई माह में राज्य के 13 जिलों में सहकारिता विभाग की समीक्षा करने जाएंगे। हर दो सहकारी समिति का भौतिक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि दो जिलों में सचिव, दो जिलों रजिस्ट्रार ,अन्य 9 जिलों में अपर निबंधक, संयुक्त निबंधक, उप निबंधक मौजूद रहेंगे। इसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी। बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का भौतिक निरीक्षण करने का निर्णय इन संगठनों के सामने आने वाली जमीनी हकीकत को समझने की दिशा में एक व्यावहारिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
डॉ. रावत ने सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रमुख पहलुओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा के दौरान फोकस के मुख्य क्षेत्रों में से एक अल्पकालिक और मध्यम अवधि के ऋणों की वसूली के साथ-साथ सहकारी अधिकारियों द्वारा ऋण वितरण था। मंत्री ने सहकारी समितियों की वित्तीय सेहत सुनिश्चित करने और उन्हें अपने सदस्यों को सेवाएं प्रदान करना जारी रखने में सक्षम बनाने के लिए ऋणों की समय पर वसूली के महत्व पर जोर दिया।सहकारिता मंत्री डॉ. रावत ने बैठक के दौरान समीक्षा की गई एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कवर किए गए किसानों की संख्या थी। यह प्रमुख योजना प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल के नुकसान के खिलाफ किसानों को महत्वपूर्ण बीमा कवरेज प्रदान करती है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता और कल्याण सुनिश्चित होता है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और प्रधानमंत्री जन सेवा केंद्र (सीएससी) जैसी अन्य प्रमुख पहलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को किफायती स्वास्थ्य सेवा और आवश्यक सेवाएं प्रदान करना है, जिससे बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में सुधार हो और जीवन की समग्र गुणवत्ता बढ़े।

RELATED ARTICLES

स्थानीय महिलाओं की आजीविका का सशक्त माध्यम बनेगा हाउस ऑफ हिमालयाजः मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत स्थानीय उत्पादों की बेहतरीन मार्केटिंग, क्वालिटी व ब्राण्डिंग पर फोकस करने के निर्देश...

कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर दो कारों की भिड़ंत में एमबीबीएस छात्र की मौत

नैनीताल। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर देर शाम आमने-सामने हुई दो कारों की भिड़त में एमबीबीएस के छात्र की मौत हो गयी है। जो उत्तराखंड हाईकोर्ट...

बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल एवं जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून प्रेम सिंह खिमाल के निर्देशानुसार जनपद देहरादून के...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

स्थानीय महिलाओं की आजीविका का सशक्त माध्यम बनेगा हाउस ऑफ हिमालयाजः मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत स्थानीय उत्पादों की बेहतरीन मार्केटिंग, क्वालिटी व ब्राण्डिंग पर फोकस करने के निर्देश...

कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर दो कारों की भिड़ंत में एमबीबीएस छात्र की मौत

नैनीताल। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर देर शाम आमने-सामने हुई दो कारों की भिड़त में एमबीबीएस के छात्र की मौत हो गयी है। जो उत्तराखंड हाईकोर्ट...

बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल एवं जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून प्रेम सिंह खिमाल के निर्देशानुसार जनपद देहरादून के...

केंद्रीय बजट में उतराखंड को आपदा में मदद का भरोसा स्वागत योग्य कदमः महेंद्र भट्ट

देहरादून। भाजपा ने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर, विकसित भारत की संकल्प पूर्ति वाला बजट बताया है। उत्तराखंड के लिए आपदा में मदद काफी अहम...

Recent Comments