Saturday, July 13, 2024
Home उत्तराखंड जिन पाइपों से बाहर आए थे मजदूर, उन्हीं से फिर सुरंग में...

जिन पाइपों से बाहर आए थे मजदूर, उन्हीं से फिर सुरंग में पहुंचे जवान

उत्तरकाशी। सिलक्यारा सुरंग में डी-वाटरिंग के पहले चरण को सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है। डी-वाटरिंग के पहले चरण के तहत एसडीआरएफ के पांच जवान और पांच सीनियर व जूनियर इंजीनियर सहित कुल दस लोग पांच घंटे तक सुरंग के अंदर रहे। वे उसी 800 एमएम के उन्हीं पाइपों से अंदर गए थे, जिनसे हादसे के बाद श्रमिकों को बाहर निकाला गया था। अंदर गए जवान-इंजीनियरों ने वहां गैस और रिसाव से जमा पानी चेक किया। एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि सभी चीजें सामान्य हैं, चिंता की कोई बात नहीं है। डी-वाटरिंग के पहले चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने से अधिकारी व जवान उत्साहित हैं।
दरअसल, यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण कार्य 12 नवंबर को हादसे के बाद से ही बंद है। सुरंग के अंदर रिसाव से जमा होने वाले पानी को भी बाहर नहीं निकाला जा सका है। बीते माह 23 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कार्यदायी संस्था को सुरंग का निर्माण शुरू करने की अनुमति दी थी, लेकिन सुरंग में आए मलबे के कारण डी-वाटरिंग शुरू नहीं हो पाई। डी-वाटरिंग से पहले अब सुरंग में सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए गए हैं। जिसके तहत सिलक्यारा वाले मुहाने से 150 से 200 मीटर तक क्षैतिज सुदृढ़ीकरण और सुरंग धंसने जैसी स्थिति में बचाव के लिए 80 से 203 मीटर तक 800 एमएम के ह्यूम पाइप बिछाए गए हैं। डी-वाटरिंग के पहले चरण लिए एसडीआरएफ के पांच जवान और पांच सीनियर व जूनियर इंजीनियरों का दल ऑगर मशीन से डाले गए पाइपों से भीतर दाखिल हुआ। इस दौरान दल ने सुरक्षा बरतते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर, नी व एल्बो गार्ड, टॉर्च से लेस हेलमेट व कैमरा आदि का प्रयोग किया। एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने डी-वाटरिंग के पहले चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने की जानकारी देते हुए बताया कि यह चरण रात 9.30 बजे तक चला। इस दौरान वह बाहर से ही दल के सदस्यों को गाइड करते रहे। बताया कि दल ने अंदर हादसे के बाद से फंसी मशीनों को चेक करने के साथ वहां गैस और पानी की जांच की है। सभी चीजें सामान्य हैं और नियंत्रण में हैं। किसी तरह की चिंता की बात नहीं है। पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अब सुरंग में डी-वाटरिंग का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। जो कि सबमर्सिबल पंप चालू करने का होगा। बताया कि सुरंग में जमा पानी को धीरे-धीरे निकाला जाएगा।

RELATED ARTICLES

कुमाऊं आयुक्त ने सूखा ताल का स्थलीय निरीक्षण किया, अधिकारियों को दिए निर्देश

नैनीताल। ’कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने सूखाताल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्रबंधक निदेशक केएमवीएन, सचिव प्राधिकरण, उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, नायब तहसीलदार नैनीताल,...

पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए जनमानस का सहयोग प्राप्त किया जाएः डीएम

देहरादून। जनपद में हरेला पर्व को वृहद्धस्तर पर मनाये जाने तथा जनसहभागिता के साथ पौधारोपण एवं वृक्षों के संरक्षण के सम्बन्ध जिलाधिकारी सोनिका ने...

संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि के साथ ही चयन प्रक्रिया का हुआ निर्धारण

देहरादून। खेल विभाग के अन्तर्गत विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने हेतु संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि एवं चयन प्रक्रिया...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कुमाऊं आयुक्त ने सूखा ताल का स्थलीय निरीक्षण किया, अधिकारियों को दिए निर्देश

नैनीताल। ’कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने सूखाताल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्रबंधक निदेशक केएमवीएन, सचिव प्राधिकरण, उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, नायब तहसीलदार नैनीताल,...

पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए जनमानस का सहयोग प्राप्त किया जाएः डीएम

देहरादून। जनपद में हरेला पर्व को वृहद्धस्तर पर मनाये जाने तथा जनसहभागिता के साथ पौधारोपण एवं वृक्षों के संरक्षण के सम्बन्ध जिलाधिकारी सोनिका ने...

संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि के साथ ही चयन प्रक्रिया का हुआ निर्धारण

देहरादून। खेल विभाग के अन्तर्गत विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने हेतु संविदा खेल प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि एवं चयन प्रक्रिया...

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई परिवार पहचान पत्र की ईएफसी

देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूडी ने परिवार पहचान पत्र से सम्बन्धित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इस प्रोजेक्ट के बजट को अनुमोदन...

Recent Comments