प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु ने दाड़ीमा गांव में जन संवाद कर सुनीं जनसमस्याएं
मुक्तेश्वर/नैनीताल। शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद प्रभारी प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने जनपद के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र रामगढ ब्लाक के ग्राम दाड़ीमा में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के सम्बन्ध लोगों के साथ संवाद कर समस्याओं का समाधान किया। प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु ने मंगलवार को मुक्तेश्वर के ग्राम पंचायत दाडीमा पहुँचकर जनसमस्यायें सुनी। जनसुनवाई में लिखित रूप से लोगों द्वारा 17 प्रार्थना पत्र के माध्यम से लोनिवि, विद्युत,वनविभाग,उद्यान एवं राजस्व आदि विभागांे से सम्बंधित समस्याएं रखी गई। साथ ही अधिकांश लोगों द्वारा मौखिक तौर पर प्रमुख सचिव को क्षेत्र की समस्याओं से भी अवगत कराया गया।
दाडीमा के क्षेत्रवासियों ने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि क्षेत्र में मानकों के विरुद्ध होमस्टे, गैस्टहाउस संचालित हो रहे है। पेयजल विभाग द्वारा इन होमस्टे एवं गैस्टहाउस मे अवैध पेयजल संयोजन दिये गये है, जिससे क्षेत्र में पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। इस सम्बन्ध में प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी को टीम गठित कर जांच कराने के साथ ही वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा विभाग द्वारा जिन होमस्टे एवं गैस्टहाउस को अवैध कनैक्शन दिये गये है, विभाग के ऐसे अधिकारियांे के साथ ही अवैध कनैक्शन लेने वालों के खिलाफ भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
दुबखड ग्राम के लोगों ने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि क्षेत्र का विद्युत ट्रान्सफार्मर लगभग दो माह से खराब चल रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। साथ ही कैलाश चन्द्र दाडिमा निवासी ने बताया कि उनके आवास के पास विद्युत पोल के तार झूल रहे है कभी भी दुर्घटना हो सकती है, उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग को कई बार समस्या से अवगत करा दिया है। प्रमुख सचिव ने तीन दिन के भीतर ट्रान्सफार्मर एवं विद्युत पोल ठीक करने के निर्देश मौके पर उपस्थित अधिशासी अभियंता विद्युत को दिये। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि तीन दिन के भीतर कार्यवाही नही होती है तो वस्तुस्थिति से अवगत करायें ताकि लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर शासन स्तर से कार्यवाही की जा सके। दाडिमा ग्राम के निवासियों ने प्रमुख सचिव को बताया कि क्षेत्र में जलजीवन मिशन के अन्तर्गत प्रथम फेज में 161 पेयजल संयोजन दिये गये थे लेकिन पानी की आपूर्ति आतिथि तक नही की गई। प्रमुख सचिव ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच करने के साथ ही सम्बन्धित अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश मौके पर दिये।
