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उत्तराखंड

यात्रा व्यवस्थाओं में तैनात किए गए सेक्टर एवं सहायक सेक्टर अफसरों को दिया गया प्रशिक्षण

रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए आने वाले तीर्थ यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यात्रा व्यवस्थाओं में तैनात किए गए सेक्टर एवं सहायक सेक्टर आॅफिसरों को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में विकास भवन सभागार में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार द्वारा उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया ताकि यात्रा के सफल संचालन में किसी प्रकार की कोई परेशानी एवं दिक्कत न होने पाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने सेक्टर एवं सहायक अधिकारियों से कहा कि केदारनाथ धाम में दर्शन करने आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो इसके लिए उन्हें जो दायित्व एवं जिम्मेदारी दी गई हैं वे उनका निर्वहन कुशलता एवं संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो एवं बीमार व कमजोर घोड़े-खच्चरों का किसी भी दशा में संचालन न हो इसके लिए जी मैक्स द्वारा पोर्टल तैयार किया गया है जिसमें संचालित होने वाले घोड़े-खच्चर, मालिक एवं हाॅकर का पूरा विवरण उपलब्ध कराया गया है। यदि किसी के द्वारा किसी भी तरह से पशु क्रूरता एवं ओवर रेटिंग करता पाया जाता है तो उसका रजिस्ट्रेशन नंबर डालने से ही उसको ब्लाॅक करने की भी व्यवस्था की गई है। इस संबंध में उन्हें जो भी जानकारी दी जा रही है उस जानकारी को ठीक ढंग से ग्रहण कर लें ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार मामले यथा आपराधिक प्रशमनीय अपराध, एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत मामले, धन वसूली के मामले, एमएसीटी मामले, श्रम विवाद मामले, बिजली और पानी के बिल के मामले(नॉन-कम्पाउंडेबल को छोड़कर), वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भत्तों तथा सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित सेवा मामले, राजस्व मामले (केवल जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों में लंबित), अन्य सिविल मामले (किराया, सुखभोग अधिकार, निषेधाज्ञा सूट, विशिष्ट प्रदर्शन सूट) आदि का निस्तारण सुलह-समझौते एवं स्वीकृति के आधार पर किया जायेगा।

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