Friday, May 24, 2024
Home उत्तराखंड जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत

जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित बोधिसत्व विचार श्रृंखला – बिन पानी सब सून विचार संगोष्ठी को सम्बोधित किया। संगोष्ठी में प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल रूप से विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोधिसत्व विचार श्रृंखला के अंतर्गत बिन पानी सब सून के रूप में विचार श्रृंखला की यह 8 वीं संगोष्ठी है। उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है। जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में समेकित प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र से जुडे विषय विशेषज्ञों एवं बुद्धिजीवियों के विचारों एवं सुझावों को राज्यहित में उपयोगी एवं व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि जल के महत्व, संवर्धन एवं संरक्षण से सम्बन्धित संगोष्ठी के मंथन से निकलने वाला अमृत राज्य की लगभग 17 छोटी-बड़ी नदियों का जल स्तर बढ़ाने के प्रयासों को फलीभूत करने वाला होगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर और अधिक विषय विशेषज्ञों के सुझावों का लाभ लेने के लिये राज्य स्तर पर एक फोरम का गठन किया जायेगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को जन जन का कार्यक्रम बनाने पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों की सफलता के लिये सरकार के साथ सभी को सहयोगी बनना होगा। ऐसे कार्यक्रमों का ज्ञान विज्ञान एवं अनुसंधान के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा तभी हम अपनी विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ने में भी सफल हो पायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन संवर्धन की दिशा में राज्य में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रति जनपद 75 अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं। इस प्रकार प्रदेश में कुल 1275 अमृत सरोवर तैयार किये जायेंगे।
संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञों द्वारा दिये गये सुझावों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बांज के जंगलों के विस्तार, बंजर जमीन को उपजाऊ बनाये जाने तथा चीड के प्रबंधन पर ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल का बेहतर प्रबंधन से ही हम जल को बचा पायेंगे तथा नदियों के जल स्तर को बढ़ाने में सफल हो पायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में उन्होंने हिमालयी राज्यों के लिये अलग नीति बनाये जाने की बात रखी है। राज्य की इकोनॉमी एवं इकोलॉजी का बेहतर समन्वय कर हम संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने व्यवहार में पानी बचाने की प्रवृत्ति को अपनाना होगा। प्रदेश में जल स्त्रोतों के चिन्हीकरण के साथ ही ग्राम इकाइयों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जायेगा।

RELATED ARTICLES

बीरोंखाल के कुणजोली में बादल फटा, महाराज ने डीएम को दिये तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश

पौड़ी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चैबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने जिलाधिकारी पौड़ी को विकासखंड बीरोंखाल के अंतर्गत कुणजोली में अचानक बादल फटने से...

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋतु बाहरी ने राज्यपाल से की भेंट

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से गुरुवार को राजभवन देहरादून में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋतु बाहरी ने...

टीएचडीसी इंडिया के अध्यक्ष एवं एमडी ने टिहरी हाइड्रो परिसर का निरीक्षण किया

ऋषिकेश। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर. के. विश्नोई ने टिहरी परिसर का दो दिवसीय सघन निरीक्षण दौरा किया। उनके साथ...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

बीरोंखाल के कुणजोली में बादल फटा, महाराज ने डीएम को दिये तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश

पौड़ी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चैबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने जिलाधिकारी पौड़ी को विकासखंड बीरोंखाल के अंतर्गत कुणजोली में अचानक बादल फटने से...

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋतु बाहरी ने राज्यपाल से की भेंट

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से गुरुवार को राजभवन देहरादून में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋतु बाहरी ने...

टीएचडीसी इंडिया के अध्यक्ष एवं एमडी ने टिहरी हाइड्रो परिसर का निरीक्षण किया

ऋषिकेश। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर. के. विश्नोई ने टिहरी परिसर का दो दिवसीय सघन निरीक्षण दौरा किया। उनके साथ...

सिम्मी थापा और भूमि शर्मा बने मिस टैलेंटेड

देहरादून। सिनमिट कम्युनिकेशन्स की ओर से आयोजित कमल ज्वेलर्स-ब्लेंडर्स प्राइड मिस उत्तराखंड-2024 के मिस टैलेंटेड और मिस बॉलीवुड सब कांटेस्ट का आयोजन किया गया।...

Recent Comments