Saturday, February 24, 2024
Home उत्तराखंड भू कानून पर कांग्रेस ने उठाये सवाल

भू कानून पर कांग्रेस ने उठाये सवाल

देहरादून। प्रदेश में भू कानून जल्द लागू होने की उम्मीद है। भू कानून समिति ने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर सूक्ष्म लघु व मध्यम श्रेणी के उद्योग लगाने के लिए भूमि क्रय करने की अनुमति जिलाधिकारी के स्थान पर शासन स्तर से देने की सिफारिश की है इसको लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी गई है। वहीं, कांग्रेस ने राज्य सरकार की ओर से गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की संस्तुतियों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि समिति की सिफारिशें भू सुधार की बजाय भूमि की खरीद फरोख्त कर सरकार के चेहते उद्योगपतियों और बड़े उद्योग तक ही सीमित करने जैसी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि बीजेपी सरकार उच्च अधिकार प्राप्त समिति के गठन से लेकर रिपोर्ट पेश करने तक समिति के नाम पर जनता और मीडिया का ध्यान प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बीते 4 सालों में विभिन्न प्रयोजनों के लिए अपने चहेते और खास लोगों को जमीन खरीदने की अनुमति देकर उत्तराखंड की बहुमूल्य भूमि को कौड़ियों के भाव नीलाम किया है। करन माहरा ने कहा कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी स्वीकारा गया है कि अभी तक जिलाधिकारी की ओर से कृषि या औद्योगिक प्रयोजन के लिए कृषि भूमि क्रय करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन कतिपय प्रकरणों में ऐसी अनुमति का उपयोग कृषि, औद्योगिक प्रयोजना करके रिजॉर्ट, निजी बंगले बनवाकर उस भूमि का दुरुपयोग किया गया है।
वहीं, केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत का कहना है कि राज्य सरकार बड़ी धूमधाम से एक समिति लाई थी। इसमें समिति की राय पर भू कानून पर परिवर्तन की बात कही गई थी, लेकिन रिपोर्ट देखने पर लगता है कि जिस जमीन को बचाने का दावा राज्य सरकार कर रही थी, उसके ठीक उलट यदि समिति की संस्तुतियां मान ली जाएंगी तो राज्य में जमीनों को खरीदना और सरल होगा। ऐसे में फर्क सिर्फ इतना रह जाएगा कि जो अनुमति पहले जिलाधिकारी दिया करते थे, वो अनुमति अब शासन देगा। मनोज रावत का कहना है कि 6 दिसंबर 2018 को बीजेपी सरकार उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश) जमीदारी उन्मूलन विधेयक अधिनियम की धारा 143 और 144 में परिवर्तन लाई है। इससे उत्तराखंड में औद्योगीकरण यानी (उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य) कृषि और उद्यानिकी के नाम पर किसी को भी कहीं भी कितनी ही मात्रा में जमीन खरीदने की छूट दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि भूमि क्रय विक्रय के नियमों में बदलाव करने के बाद बीते 4 सालों में बीजेपी सरकार ने अपने चहेते उद्योगपतियों, धार्मिक और सामाजिक संगठनों को अरबों की जमीन खरीदने की अनुमति दी है।

RELATED ARTICLES

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन हेतु की गई तैयारियों को परखा

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ0 बीवीआरसी पुरूषोतम ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दृष्टिगत टिहरी लोकसभा क्षेत्रान्तर्गत निर्वाचन तैयारियों को लेकर ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में...

बर्फबारी के बाद बदरीनाथ का हुआ खूबसूरत नजारा

चमोली। बर्फबारी के बाद बदरीनाथ धाम सफेद चादर ओढ़ ली है। साथ ही बदरीनाथ के आसपास की पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई है।...

नशे की लत में पड़कर लक्ष्य से भटक रहा युवाः भार्वन

देहरादून। कर्नल राजीव भार्वन ने कहा कि आज का युवा नशे की लत में पडकर अपने लक्ष्य से भटक रहा है। आज कर्नल राजीव भार्वन...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन हेतु की गई तैयारियों को परखा

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ0 बीवीआरसी पुरूषोतम ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दृष्टिगत टिहरी लोकसभा क्षेत्रान्तर्गत निर्वाचन तैयारियों को लेकर ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में...

बर्फबारी के बाद बदरीनाथ का हुआ खूबसूरत नजारा

चमोली। बर्फबारी के बाद बदरीनाथ धाम सफेद चादर ओढ़ ली है। साथ ही बदरीनाथ के आसपास की पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई है।...

नशे की लत में पड़कर लक्ष्य से भटक रहा युवाः भार्वन

देहरादून। कर्नल राजीव भार्वन ने कहा कि आज का युवा नशे की लत में पडकर अपने लक्ष्य से भटक रहा है। आज कर्नल राजीव भार्वन...

सैनिक कल्याण मंत्री ने की चमोली में सैनिक स्कूल खोलने की मांग

देहरादून। उत्तराखण्ड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर सूबे के सीमांत जनपद चमोली...

Recent Comments